UPSSSC लोअर मेन्स के लिए तत्सम शब्द की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए तत्सम शब्द की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।
| तत्सम | तद्भव | तत्सम | तद्भव |
|---|---|---|---|
| अग्नि | आग | अश्रु | आँसू |
| अन्धकार | अँधेरा | अमृत | अमीय |
| कर्ण | कान | काष्ठ | काठ |
| दधि | दही | दुग्ध | दूध |
| मस्तक | माथा | मृत्यु | मौत |
'तत्सम' दो शब्दों से मिलकर बना है: 'तत्' + 'सम', जिसका अर्थ है 'उसके समान' (अर्थात संस्कृत के समान)।'तत्सम' दो शब्दों से मिलकर बना है: 'तत्' + 'सम', जिसका अर्थ है 'उसके समान' (अर्थात संस्कृत के समान)।
जिन शब्दों में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'श्र' का प्रयोग होता है, वे प्रायः तत्सम होते हैं।जिन शब्दों में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'श्र' का प्रयोग होता है, वे प्रायः तत्सम होते हैं।
'ऋ' की मात्रा का प्रयोग केवल तत्सम शब्दों में ही होता है।'ऋ' की मात्रा का प्रयोग केवल तत्सम शब्दों में ही होता है।
जिन शब्दों में विसर्ग (:) का प्रयोग होता है, वे अनिवार्य रूप से तत्सम होते हैं।जिन शब्दों में विसर्ग (:) का प्रयोग होता है, वे अनिवार्य रूप से तत्सम होते हैं।
प्रायः तत्सम शब्दों में 'ष' वर्ण का प्रयोग अधिक होता है।प्रायः तत्सम शब्दों में 'ष' वर्ण का प्रयोग अधिक होता है।
1. आम्र-आम 2. उष्ट्र-ऊँट 3. कूप-कुआँ 4. गर्दभ-गधा 5. ग्राम-गाँव 6. घोटक-घोड़ा 7. चञ्चु-चोंच 8. दन्त-दाँत 9. दिवस-दिन 10. नकुल-नेवला 11. पत्र-पत्ता 12. पुत्र-पूत 13. भगिनी-बहन 14. मयूर-मोर 15. रात्रि-रात 16. वधू-बहू 17. सर्प-साँप 18. हस्त-हाथ 19. स्वर्ण-सोना 20. सूर्य-सूरज।1. आम्र-आम 2. उष्ट्र-ऊँट 3. कूप-कुआँ 4. गर्दभ-गधा 5. ग्राम-गाँव 6. घोटक-घोड़ा 7. चञ्चु-चोंच 8. दन्त-दाँत 9. दिवस-दिन 10. नकुल-नेवला 11. पत्र-पत्ता 12. पुत्र-पूत 13. भगिनी-बहन 14. मयूर-मोर 15. रात्रि-रात 16. वधू-बहू 17. सर्प-साँप 18. हस्त-हाथ 19. स्वर्ण-सोना 20. सूर्य-सूरज।
21. सत्य-सच 22. शुष्क-सूखा 23. श्यामल-साँवला 24. श्रगाल-सियार 25. अट्टालिका-अटारी 26. आदित्यवार-इतवार 27. इच्छु-ईख 28. एकादश-ग्यारह 29. कदली-केला 30. कपाट-किवाड़ 31. कुम्भकार-कुम्हार 32. गर्भा-गाभ 33. गर्त-गड्ढा 34. गुहा-गुफा 35. छिद्र-छेद 36. तैल-तेल 37. दधि-दही 38. धान्य-धान 39. निद्रा-नींद 40. पक्षी-पंछी।21. सत्य-सच 22. शुष्क-सूखा 23. श्यामल-साँवला 24. श्रगाल-सियार 25. अट्टालिका-अटारी 26. आदित्यवार-इतवार 27. इच्छु-ईख 28. एकादश-ग्यारह 29. कदली-केला 30. कपाट-किवाड़ 31. कुम्भकार-कुम्हार 32. गर्भा-गाभ 33. गर्त-गड्ढा 34. गुहा-गुफा 35. छिद्र-छेद 36. तैल-तेल 37. दधि-दही 38. धान्य-धान 39. निद्रा-नींद 40. पक्षी-पंछी।
41. पाद-पैर 42. प्रस्तर-पत्थर 43. फाल्गुन-फागुन 44. भिक्षा-भीख 45. मर्कट-बंदर 46. मार्ग-राह 47. मौक्तिक-मोती 48. यव-जौ 49. युवा-जवान 50. रिक्त-रीता 51. लज्जा-लाज 52. लोहकार-लुहार 53. वत्स-बेटा 54. वाष्प-भाप 55. व्याघ्र-बाघ 56. शर्करा-शक्कर 57. श्रावण-सावन 58. हस्ती-हाथी 59. हृदय-हिय 60. यष्टि-लाठी।41. पाद-पैर 42. प्रस्तर-पत्थर 43. फाल्गुन-फागुन 44. भिक्षा-भीख 45. मर्कट-बंदर 46. मार्ग-राह 47. मौक्तिक-मोती 48. यव-जौ 49. युवा-जवान 50. रिक्त-रीता 51. लज्जा-लाज 52. लोहकार-लुहार 53. वत्स-बेटा 54. वाष्प-भाप 55. व्याघ्र-बाघ 56. शर्करा-शक्कर 57. श्रावण-सावन 58. हस्ती-हाथी 59. हृदय-हिय 60. यष्टि-लाठी।
1. यदि शब्द में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'श्र', 'ऋ', 'ष' हो, तो वह 90% तत्सम होगा।1. यदि शब्द में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'श्र', 'ऋ', 'ष' हो, तो वह 90% तत्सम होगा।
2. 'व' तत्सम में होता है, तो तद्भव में अक्सर 'ब' हो जाता है (जैसे: वक-बगुला)।2. 'व' तत्सम में होता है, तो तद्भव में अक्सर 'ब' हो जाता है (जैसे: वक-बगुला)।
3. 'श' तत्सम में, तो तद्भव में 'स' हो जाता है (जैसे: श्यामल-साँवला)।3. 'श' तत्सम में, तो तद्भव में 'स' हो जाता है (जैसे: श्यामल-साँवला)।
4. चन्द्रबिन्दु (ँ) वाले शब्द हमेशा तद्भव होते हैं।4. चन्द्रबिन्दु (ँ) वाले शब्द हमेशा तद्भव होते हैं।